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Diet After 50: हेलà¥â€à¤¦à¥€ और फिट रहने के लिठ50 साल की उमà¥à¤° के बाद महिलाà¤à¤‚ अपनाà¤à¤‚ ये हेलà¥â€à¤¦à¥€ डायट
40 से 50 वरà¥à¤· की उमà¥à¤° के बाद महिलाओं का शरीर कमजोर होने लगता है। मेनोपॉज की वजह से जब मेटाबोलिजà¥â€à¤® धीमा पड़ जाता है, तब आप इस पà¥à¤°à¤•ार की डायट लेकर फायदा उठा सकती हैं।
women should adopt this healthy diet after the age of 50 to be healthy and fit
Diet After 50: हेलà¥â€à¤¦à¥€ और फिट रहने के लिठ50 साल की उमà¥à¤° के बाद महिलाà¤à¤‚ अपनाà¤à¤‚ ये हेलà¥â€à¤¦à¥€ डायट
खानपान का हमारी सेहत पर पूरा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। कम वसा यà¥à¤•à¥à¤¤ और हेलà¥à¤¦à¥€ आहार न केवल वजन कम करता है बलà¥à¤•ि शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में à¤à¥€ मदद करता है। शरीर की जरूरत के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° खाने का पैटरà¥à¤¨ बदलने से गंà¤à¥€à¤° बीमारियों से à¤à¥€ बचाव हो सकता है। महिलाओं को अपने खानपान की आदतों पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरूरत होती है।
दरअसल 40 से 50 वरà¥à¤· की उमà¥à¤° के बाद महिलाओं के शरीर में मेनोपॉज से लेकर मेटाबोलिजà¥à¤® धीमा होने सहित कई बदलाव होते हैं। इस उमà¥à¤° में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार को बनाठरखना बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। हालांकि आहार के कई विकलà¥à¤ª हैं लेकिन सà¤à¥€ सेहत के लिठफायदेमंद नहीं हैं। आइठजानते हैं 50 की उमà¥à¤° के बाद महिलाओं को कौन सी 5 डाइट लेनी चाहिà¤à¥¤
​मेडिटेरेनियन डाइट
यह डाइट विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से निपटने और वजन को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने के लिठबेहतर मानी जाती है। मेडिटेरेनियन डाइट में मछली, फल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, साबà¥à¤¤ अनाज, फलियां और जैतून का तेल शामिल है। डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का सेवन मधà¥à¤¯à¤® मातà¥à¤°à¤¾ में किया जाता है और मांस को हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• बार आहार में शामिल किया जाता है। आहार में à¤à¤• तिहाई वसा होती है, जिसमें संतृपà¥à¤¤ वसा कà¥à¤² कैलोरी सेवन के 8 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से अधिक नहीं होती है।
सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यह डाइट न केवल उमà¥à¤° को बढ़ाती है बलà¥à¤•ि टाइप 2 डायबिटीज और हृदय रोगों के जोखिम को कम करती है। मेडिटेरेनियन डाइट सà¥à¤ªà¥‡à¤¨, फà¥à¤°à¤¾à¤‚स, गà¥à¤°à¥€à¤¸ और इटली जैसे à¤à¥‚मधà¥à¤¯ देशों के पारंपरिक खाने के पैटरà¥à¤¨ पर आधारित है।
​वीगन डाइट
यह पौधों वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ पर आधारित है। इसमें जानवरों के जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ किसी à¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ का सेवन नहीं किया जाता है। इस डाइट में मीट के अलावा डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ और अंडे का सेवन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित होता है। सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, वीगन डाइट अपनाने से हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज और कैंसर का खतरा कम होता है।
स आहार का à¤à¤•मातà¥à¤° नकारातà¥à¤®à¤• पहलू यह है कि इसमें विटामिन बी 12, विटामिन डी, आयोडीन, आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, जसà¥à¤¤à¤¾ और ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ जैसे कई पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी हो सकती है।
​डैश डाइट
डैश डाइट उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठबेहद कारगर है। महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हृदय रोगों और उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª का जोखिम बढ़ सकता है। इन बीमारियों के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को रोकने के लिठडैश डाइट सबसे अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है। इस डाइट में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पोटैशियम और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार शामिल किया जाता है। ये सà¤à¥€ ततà¥à¤µ उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª को कम करते हैं। इसमें मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल, और कम वसा वाली डेयरी, साबà¥à¤¤ अनाज, फलियां, नट, बीज, मछली और मà¥à¤°à¥à¤—ी शामिल हैं।
वरà¥à¤•आउट करते समय की अगर ये 5 गलतियां, तो नहीं घटेगा वजन
​पैलियो डाइट
यह डाइट अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कम मातà¥à¤°à¤¾ में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ के सेवन पर आधारित है। इसमें अंडे, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल, मेवे और असंसाधित मीट शामिल किया जाता है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 50 की उमà¥à¤° के बाद इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ रेसिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स से निपटने वाली महिलाओं के लिठकम कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ वाले आहार खाना फायदेमंद होता है। आहार में अनाज, फलियां, आलू, डेयरी खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•ृत खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, रिफाइंड चीनी या नमक शामिल नहीं होते हैं। लेकिन अगर आप सावधानी से यह डाइट पà¥à¤²à¤¾à¤¨ नहीं बनाती हैं, तो इससे पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी हो सकती है।
​फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¨ डाइट
यह डाइट आधा शाकाहारी और आधा मांसाहोरी होती है। इसमें पौधों और जानवरों पर आधारित खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को शामिल किया जाता है। इसमें फाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है। इसका सेवन करने से आयरन और ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ हो जाती है। इसके अलावा फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¨ डाइट में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है, जो ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ से बचाने में मदद करती है।
उमà¥à¤° संबंधी बीमारियों से बचने के लिठये डाइट बहà¥à¤¤ फायदेमंद हैं। 50 वरà¥à¤· की उमà¥à¤° की महिलाओं को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने के लिठइस आहार को अपनाना चाहिà¤à¥¤
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